गजल संध्या में गिरीश पंकज और डॉ. माणिक की गजलों का गायन करेंगे डा. चितरंजन कर
01-Jul-2026
- महाराष्ट्र मंडल के मिनी हाल में किया जाएगा आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल रायपुर और श्री ग्रुप आफ कंपनीज की ओर शनिवार 4 जुलाई की शाम को संगीतमय बनाने के लिए गजल संध्या का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी सभागृह (मिनीहाल) में संध्या 5 बजे से शुरू होगा। गजल संध्या में जाने माने साहित्यकार डा. चिररंजन कर दो वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज और डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ की गजलों को अपनी आवाज देंगे।
महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद और वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर ने बताया कि "डा. चितरंजन कर" एक प्रतिष्ठित साहित्यकार, भाषाविद् और गीतकार हैं। वे हिंदी साहित्य, विशेषकर छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं। वे अपनी सुमधुर आवाज साहित्यकार गिरीश पंकज और डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ की गजलों को देंगे।
महाराष्ट्र मंडल के साहित्य समिति की कुमुद लाड ने बताया कि डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने वर्ष 1971 से सक्रिय साहित्यिक की यात्रा प्रांभ कर 15 से अधिक पुस्तकों के लेखन किया। जिसमें कविता संग्रह, आलोचना ग्रंथ और संपादित कृतियाँ शामिल हैं। वहीं गिरीश पंकज हिंदी साहित्य के समकालीन दौर के एक अत्यंत सक्रिय, बहुचर्चित और प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। ऐसे दो मूर्धन्य साहित्यकारों की रचना सुनने का मौका हमें मिल रहा है।
