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रक्तदान दिवसः आपके मोबाइल पर ही आसानी से मिल जाएंगो डोनरः अजय काले

रक्तदान दिवसः आपके मोबाइल पर ही आसानी से मिल जाएंगो डोनरः अजय काले
रायपुर। 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान करना जरूरी है। आज आपरेशन की स्थिति में लगभग सभी मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है। कहीं न कहीं हमारे खानपान के कारण हमारा ह्यूमोग्लोबिन लेवल 12.5 प्रतिशत से कम हो जाता है। इसलिए हमें ब्लड की जरुरत पड़ती है। और ऐसी जरूरतों पर लोग सामाजिक संगठनों और स्वयं सेवकों को फोन कर डोनर पुछते है। लेकिन मैं कहता हूं कि कहीं न कहीं आपके मोबाइल में भी डोनर आप पहले उन्हें फोन लगाए। नहीं मिलने पर सामाजिक संगठनों की ओर मदद की उम्मीद लगाए। उक्ताशय़ के विचार महाराष्ट्र मंडल  के अध्यक्ष और पिछले तीन दशक से 68 बार रक्तदान कर चुके अजय मधुकर काले ने विश्व रक्तदान की पूर्व संध्या को कहीं। 
 
अजय काले ने आगे कहा कि उन्होंने पिछले साढ़े तीन दशकों में 68 मरीजों को रक्तदान कर उनके जीवन की रक्षा में अपना सहयोग दिया। दूसरे रक्त समूह के खून के लिए भी कई बार उच्च स्तरीय प्रयास कर मरीजों की जान बचाने में भूमिका अदा की। काले ने कहा कि उन्होंने पहली बार सन् 1985 में रक्तदान किया उस समय से ही वे समाजसेवा के प्रति समर्पित हो गए थे। फिर यह सिलसिला चला तो अब तक चल रहा है।  
महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद अरविंद जोशी ने बताया कि उन्होंने अब तक 180 बार रक्तदान किया। पहली बार 1989-90 में किया था। अब वे एक फार्मा कंपनी में काम करते थे। उस समय से पहले कांच की बोतल में ब्लड कलेक्ट किया जाता था। फिर प्लास्टिक की बैग का दौर आया। तब लोगों को इसके लिए जागरूक करने एक कैंप का आयोजन किया गया। उस कैंप में लोगों को विश्वास दिलाने के लिए पहली बार रक्तदान किया। फिर यह सिलसिला लगातार जारी रहा। 
 
बतादें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में सालाना एक करोड़ यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है लेकिन उसकी उपलब्ध सिर्फ 75 लाख यूनिट है। 25 लाख यूनिट ब्लड की कमी से हर साल सैंकड़ों लोग जान देते हैं। ब्लड डोनेशन करके ना सिर्फ आप दूसरों की जान बचा सकते हैं बल्कि अपनी हेल्थ को भी सुधार सकते हैं। 
 
ब्लड डोनेट करने के फायदे: ब्लड डोनेट करने से ब्लड पतला होता है जिससे दिल की सेहत में सुधार होता है। कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि ब्लड डोनेट करने से कैंसर और दूसरी बीमारियों का जोखिम कम होता है। ब्लड डोनेट करने से बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। इससे डोनर का बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है।
 
कौन कर सकता है ब्लड डोनेट: एक स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 65 साल के बीच है वो रक्त दान कर सकता है। डोनर का ह्यूमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत से ज्यादा होना चाहिए और कम से कम 45 किलोग्राम उसका वजन होना चाहिए।
 
कोई व्यक्ति कितना खून डोनेट कर सकता है: ब्लड डोनेट करने की मात्रा और तरीके अलग-अलग हो सकते है। ब्लड डोनेशन पूरे खून का 300 मिलीलीटर होता है। इसे मैनुअली या ऑटोमेटिक इक्विपमेंट की मदद से संग्रहित किया जा सकता है जो कि केवल खून के विशिष्ट भाग को लेता है।